Thursday, July 25, 2024

मोदी सरकार (Modi Government) ने यूक्रेन बॉर्डर (Ukraine Border) पर फंसे हजारों छात्रों (Students) को बड़ी राहत दी है. सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने इन छात्रों के लिए कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) में ही संशोधन कर दिया. ये संशोधन मानवीय आधार पर सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए ही है. अब इन लोगों को कोरोना टेस्ट कराने और उसकी रिपोर्ट को अपलोड करने की अनिवार्यता से छूट मिल जाएगी. इन छात्रों को अब एयरपोर्ट पर उड़ान भरने से पहले और लौटने के बाद किसी भी तरह की दिक्कत पेश नहीं आएगी. इस गाइडलाइन के मुताबिक, ‘भारतीय नागरिक या छात्रों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए जरूरी कागजात जैसे- आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट या कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य नहीं होगा. छात्रों को प्रस्थान करने से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर छूट दी गई है. साथ ही जिन छात्रों ने कोरोना का वैक्सीन ले लिया है, उन्हें भारत आने के बाद एयरपोर्ट से घर जाने की अनुमति भी दी जाएगी, बशर्ते वह 14 दिन आइसोलेशन में रहें.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जिन छात्रों के पास न तो आरटीपीसीआर टेस्ट और न ही वैक्सीनेशन सर्टफिकेट है, वैसे छात्रों को भी देश लौटने के बाद एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच किया जाएगा. अगर छात्रों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा. रिपोर्ट निगेटिव आने पर अगले 14 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा.

यूक्रेन में फंसे भारतीय को लेकर नई गाइडलाइन जारी
इस दौरान छात्रों को भारत पहुंचने के बाद अगले 14 दिनों तक अपनी सेहत की स्वयं निगरानी करनी होगी और इस दौरान अगर यात्री को कोविड-19 से जुड़े लक्षण उभरते हैं तो उन्हें स्वयं आइसोलेशन में जाना होगा और इस बात की सूचना हेल्थ ऑफिसर को देनी होगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक, ‘यूक्रेन से लौटने वालों को भारत पहुंचने के बाद कोविड वैक्सीनटेड सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी. इसके साथ ही RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने की भी आवश्यकता नहीं है. दोनों में से कुछ भी नहीं होने पर छात्रों का एयरपोर्ट पर ही कोरोना का टेस्ट किया जाएगा. रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही छात्रों को बाहर जानें दिया जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद कोरोना गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों की आगे की जांच व चिकित्सीय प्रबंधन करने के बाद भेज दिया जाएगा.

भारत सरकार यूक्रेन में फंसे हजारों भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में सोमवार को केंद्र सरकार के चार मंत्रियों को इस काम में लगाया गया है. भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए कई स्तर पर ऑपरेशन चल रहे हैं. रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और पोलैंड के रास्ते छात्रों को निकाला जा रहा है.

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